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‘सेफ्टी पिन’ एप के जरिए महिलाएं बता सकेंगी हम शहर में कौन सी जगहों पर अनसेफ महसूस करती हैं

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इंटरनेशनल वुमेंस डे पर आज पंचकूला नगर निगम ‘सेफ्टी पिन’ नाम से मोबाइल एप लाॅन्च करने जा रहा है। इस एप के जरिये महिलाओं के लिए पंचकूला को सेफ सिटी बनाने के प्रयास होंगे। ऐसा शहर जिसमें महिलाएं या लड़कियां रात के समय भी पूरी तरह सेफ महसूस करते हुए घूम सकें। एप को टूल की तरह इस्तेमाल करते हुए महिलाओं से शहर में अनसेफ जगह की फीडबैक ली जाएगी और इसमें सुधार कराया जाएगा। उत्तर भारत में पंचकूला पहला ऐसा शहर है, जिसमें सिटी को महिलाओं के लिए सेफ बनाने की दिशा में इस तरह का प्रयास किया जाएगा। इसमें सिटीजंस सेफ्टी संबंधी मामलों में सुझाव दे सकेंगे। इस एप को चलाने में कुछ संगठनों की मदद ली जा रही है। इनमें सेफ्टी पिन की कल्पना, वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट-इंडिया की सारिका भट्‌ट, रोड सेफ्टी एंड सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट कंसल्टेंट नवदीप असीजा शामिल हैं। यह एप दो तरह से डाटा कलेक्शन का काम करेगी। पहले चरण में सेफ्टी पिन एप से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधि शहरभर में घूमकर अनसेफ स्पॉट का पता लगाएंगे। दूसरे चरण में शहर के लोग इस संबंध में एप पर फीडबैक दे सकेंगे। नवदीप असीजा के मुताबिक शहर में घूमकर अनसेफ गली-मुहल्ले, सेक्टर्स को देखा जाएगा। एक हफ्ता टैक्सी में रात को भी घूमेंगे। ऐसी जगह को देखा जाएगा जहां रात को अंधेरा पसरा रहता है। किन स्थानों पर झाड़ियां ज्यादा हैं। कहां पर टॉयलेट्स सुनसान जगह पर हैं या किन में लाइट नहीं है। डिवाइडिंग रोड्स की मॉनिटरिंग टैक्सी और इंटरनल रोड्स को मैनुअली चेक किया जाएगा। महिलाओं से भी अनसेफ स्थानों के बारे में फीडबैक ली जाएगी। डाटा एनालिसिस के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यह रिपोर्ट निगम अफसरों को सौंपी जाएगी। निगम अफसरों को ऐसी जगहों पर रात को पुलिस या वेंडर्स की तैनाती, लाइटिंग व्यवस्था के सुझाव दिए जाएंगे। अफसरों को यह रिपोर्ट इस महीने के अंत तक सौंप दी जाएगी। असीजा ने कहा कि लोगों को आए सुझावों पर निगम द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में भी वापस उन्हें जानकारी दी जाएगी।

छेड़छाड़ संबंधी जानकारी दे सकेंगे...

नगर निगम कमिश्नर राजेश जोगपाल ने कहा कि पंचकूला में महिलाओं के लिए सेफ पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सेफ्टी पिन मोबाइल एप इस दिशा में एक कदम है। टीम सार्वजनिक स्थानों पर घूमकर अनसेफ जगह की जानकारी देगी, जिसमें जरूरत के मुताबिक सुधार कराया जाएगा। इन पब्लिक लोकेशंस का नौ पैरामीटर्स-लाइटिंग, ओपननेस, वॉक पथ, सिक्योरिटी, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, क्राउड, जेंडर डाइवर्सिटी, विजिबिलिटी और फीलिंग के आधार पर ऑडिट कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। लोग इस मोबाइल एप पर महिलाओं से छेड़छाड़ संबंधी मामलों की जानकारी देने के साथ मैसेज, अलर्ट भेज सकेंगे।

इमरजेंसी में पुलिस, एंबुलेंस से संपर्क

एप में वन स्टॉप इमरजेंसी फीचर भी होगा। सिटीजंस इसके माध्यम से कोई इमरजेंसी होने पर पुलिस, एंबुलेंस, फायर डिपार्टमेंट आदि से संपर्क कर सकेंगे। इसमें पुलिस, एंबुलेंस को जीपीएस के जरिये यूजर की लोकेशन का आसानी से पता चल सकेगा। एप में सभी पब्लिक सर्विसेज के नंबर्स डिस्प्ले होंगे। इसमें लोग सेफ रूट्स की जानकारी ले सकेंगे। इसमें स्टे विद मी फीचर भी होगा जो यूजर की तरफ से एक्टिवेट करने पर उसके फ्रेंड्स और फैमिली उसकी जर्नी को मोबाइल पर ही मॉनिटर कर सकेंगे। एप से यूजर को नोटिफिकेशन के जरिये नए एरिया या अनसेफ एरिया की भी जानकारी मिल जाएगी।

Article Source......Dainik Bhaskar